
विक्रांत आउट ऑफ कंट्रोल होने लगा। कशिश उसे खुद वो सब करने को कह रही थी। जिसके लिए विक्रांत दिन रात दूसरी लड़कियों के पास जाता था।
कशिश का बदन एक दम सॉफ्ट ओर मुलायम था। जिस पर अब विक्रांत की सख़्त होठ चल रही थी। वो पागल हो रहा था । ओर उस पागल पन में कशिश उसका पूरा साथ दे रही थी।



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