
अनुपम माया को को देख रहा था। ओर माया भी हैरानी से उसे देख रही थी।
घटिया आदमी ये कैसी वाहियात बाते बोल रहे हो मुझसे। सोच समझ कर बात करना मुझसे। मै कोई ऐसी वैसी लड़की नहीं हु। रिषभ मेवाड़ की बीबी हु। रिषभ को पता चल गया ना । तो वो तुम्हारा वो हाल करेगा तुम खुद को पहचान नहीं पाओगे बोलते हुए माया अनुपम को गुस्से से देखती। जो पूरा नांगा उसके सामने खड़ा था।



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